नई दिल्ली,11 फरवरी। कर्नाटक में भाजपा अध्यक्ष के बीवाई विजयेंद्र के खिलाफ राज्य के कुछ विधायकों और नेताओं ने असंतोष जाहिर करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, पार्टी हाईकमान ने उन्हें हटाने से इनकार करते हुए विजयपुरा के विधायक को नोटिस जारी किया है। विजयेंद्र, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं।
पार्टी हाईकमान ने शिकायत करने वाले नेताओं को फटकार लगाते हुए विजयेंद्र के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई से इनकार किया है। पार्टी ने विजयपुरा के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतमल को नोटिस जारी कर कहा कि आप अनुशासन भंग नहीं कर सकते। नोटिस का 72 घंटे में जवाब मांगा गया है।
पूर्व CM को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग शिकायत करने वाले नेताओं की मांग है कि विजयेंद्र को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाकर पूर्व CM और सांसद बसवराज बोम्मई को कमान दी जाए। ये नेता बोम्मई से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। हालांकि, बोम्मई ने पार्टी हाईकमान के फैसले के साथ रहने की बात कही है।
लोकसभा चुनाव के बाद से ही विजयेंद्र का विरोध सूत्रों के मुताबिक विजयेंद्र को हटाने की कवायद लोकसभा चुनाव के बाद से ही शुरू हो गई थी। हालांकि, पार्टी ने इस पर अब जाकर ध्यान दिया और शिकायत करने वालों को ही नोटिस जारी कर दिया।
इन नेताओं ने शिकायत की विजयेंद्र कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं। उनके खिलाफ विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल, बीपी हरीश, पूर्व विधायक कुमार बंगारप्पा और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीएम सिद्धेश्वरा समेत कई नेताओं ने कर्नाटक के प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल से शिकायत की थी।
नड्डा से भी मिल चुका विरोधी खेमा दावा किया जा रहा है कि पूर्व मंत्री और विधायक रमेश जारकीहोली लगातार मीडिया में विजयेंद्र और उनके पिता येदियुरप्पा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। वे कुछ नेताओं के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिल चुके हैं। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि उन्हें पार्टी नेताओं ने फटकार लगाई है।