डॉलर को कमजोर करने पर 100% टैरिफ लगाएंगे: डोनाल्ड ट्रंप की BRICS देशों पर चेतावनी

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नई दिल्ली,22 जनवरी। डोनाल्ड ट्रंप, जो आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार हैं, ने हाल ही में BRICS देशों पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि BRICS राष्ट्र, जिसमें भारत, चीन, ब्राज़ील, रूस, और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए प्रयास जारी रखते हैं, तो वे इन देशों पर 100% टैरिफ लगाने पर विचार करेंगे।

क्या है मामला?

BRICS राष्ट्र हाल के वर्षों में अपनी अर्थव्यवस्था को अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता से मुक्त करने के लिए कदम उठा रहे हैं। यह प्रयास “डॉलर-बहिष्करण” (De-Dollarisation) के नाम से जाना जाता है। BRICS देशों ने अपने व्यापार और निवेश के लिए स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। हाल ही में, BRICS ने अपनी करेंसी प्रणाली को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की है।

डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका के आर्थिक हितों के लिए एक बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा, “अगर BRICS देश अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए योजनाएं बनाते हैं, तो यह अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। ऐसे में, इन देशों से आयात पर 100% टैरिफ लगाना मेरी प्राथमिकता होगी।”

डॉलर पर बढ़ते खतरे की चेतावनी

ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि डॉलर को कमजोर करने की यह योजना अमेरिकी वैश्विक प्रभाव को कम करने की एक साजिश है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी डॉलर दशकों से वैश्विक व्यापार और वित्त का आधार रहा है। अगर BRICS इसे चुनौती देते हैं, तो अमेरिका के पास इसे रोकने के लिए कठोर कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।”

BRICS का उद्देश्य

BRICS राष्ट्र अपनी व्यापारिक व्यवस्था में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और अपने आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। इन देशों ने डॉलर के बजाय स्थानीय मुद्राओं का उपयोग करने और वैकल्पिक वित्तीय संस्थानों की स्थापना करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
यह कदम, खासकर रूस और चीन के लिए, पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों से बचने का भी एक तरीका माना जा रहा है।

भारत पर प्रभाव

डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद यह सवाल उठता है कि अगर BRICS पर 100% टैरिफ लगाया जाता है, तो भारत जैसे देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध महत्वपूर्ण हैं। अगर ट्रंप के सुझाव पर अमल होता है, तो यह भारतीय उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश को महंगा बना देगा। इसका असर भारतीय निर्यातकों और कंपनियों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की राय

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान मुख्यतः उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, डिवDollarisation के खिलाफ उनकी चेतावनी अमेरिका के आर्थिक प्रभुत्व को बनाए रखने के प्रयासों को दर्शाती है।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान BRICS देशों के लिए एक सख्त चेतावनी है। अगर ये राष्ट्र डॉलर के विकल्प के रूप में अपनी मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ाते हैं, तो अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों और टैरिफ जैसे उपायों का सहारा ले सकता है। हालांकि, भारत जैसे देशों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जो अमेरिका के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध बनाए रखना चाहते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि BRICS राष्ट्र और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर कैसे कूटनीति होती है।

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