साहिबी नदी के दोनों किनारे पर नए सड़क कॉरिडोर बनेगा- प्रवेश वर्मा

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नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत दिल्ली को विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क से जोड़ने और यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने साहिबी नदी के दोनों किनारों पर धांसा से वसई दारापुर तक एक समर्पित सड़क कॉरिडोर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, दिल्ली की चार प्रमुख PWD सड़कों को अब आधिकारिक रूप से NHAI को सौंप दिया गया है, जिससे इनके विस्तार और रखरखाव में तेजी आएगी।

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की अध्यक्षता में हुई यूटी-स्तरीय समन्वय समिति की पहली बैठक में दिल्ली में यातायात अवरोधों को दूर करने, विभिन्न एजेंसियों के ओवरलैप को रोकने और प्रमुख सड़क परियोजनाओं को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए साहिबी नदी के दोनों किनारों पर धांसा से वसई धरापुरी तक दोनों तरफ एक समर्पित सड़क कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह नई सड़कें राजधानी में ट्रैफिक का बोझ कम करेंगी और वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेंगी


धौला कुआं मेट्रो स्टेशन के पास स्थित पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर NH-48 से नारायणा के लिए एक समर्पित स्लिप रोड बनाई जाएगी। इससे इस मार्ग पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।

दिल्ली की सड़क संरचना को और अधिक उन्नत और व्यवस्थित बनाने के लिए चार प्रमुख PWD सड़कों को अब आधिकारिक रूप से NHAI को सौंप दिया गया है। इससे इन सड़कों के विस्तार, मेंटेनेंस और कनेक्टिविटी में सुधार आएगा।

ये सड़कें निम्नलिखित हैं:

• दिल्ली-रोहतक रोड (NH-10): पीरागढ़ी से टिकरी बॉर्डर (13.2 किमी)
• दिल्ली-रोहतक रोड (NH-10): पीरागढ़ी से जखेरा (6.8 किमी)
• NH-2 (मथुरा रोड): आली गांव से रिंग रोड, आश्रम जंक्शन (7.5 किमी)
• NH-148A (एमजी रोड): 8 किमी का खंड ।
मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में, दिल्ली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे से सुसज्जित करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। साहिबी नदी किनारे नया कॉरिडोर राजधानी की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह परियोजना दिल्लीवासियों को जाम की समस्या से राहत देने के साथ-साथ एक वैकल्पिक यातायात मार्ग भी प्रदान करेगी।

इसके अलावा, दिल्ली की चार प्रमुख सड़कों को NHAI को सौंपने का निर्णय सड़क प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इन सड़कों के विकास और रखरखाव में तेजी आएगी, जिससे दिल्ली की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। सरकार दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को अगले स्तर पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”


दिल्ली के बुनियादी ढांचे से जुड़े इन महत्वपूर्ण फैसलों को अमलीजामा पहनाने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में PWD मंत्री, GNCTD; ACS/प्रिंसिपल सेक्रेटरी (PWD), GNCTD; डिविजनल कमिश्नर-कम-ACS/प्रिंसिपल सेक्रेटरी (Revenue), GNCTD; MCD कमिश्नर; ACS/प्रिंसिपल सेक्रेटरी (Environment & Forest), GNCTD; ACS/प्रिंसिपल सेक्रेटरी/सेक्रेटरी (Power), GNCTD; दिल्ली जल बोर्ड के CEO; कमिश्नर (Planning), DDA; एनएचएआई, दिल्ली के क्षेत्रीय अधिकारी; और PWD के इंजीनियर-इन-चीफ शामिल रहे।

इस बैठक दिल्ली के बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इन फैसलों से दिल्ली को बेहतर कनेक्टिविटी, यातायात की समस्या से राहत और विश्वस्तरीय सड़क सुविधाएं मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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