नई दिल्ली,5 अप्रैल। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने वक्फ संपत्तियों के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियां केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उपयोग सभी जरूरतमंदों, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। राज्यपाल का यह बयान वक्फ संशोधन विधेयक के संदर्भ में आया है, जिसे हाल ही में संसद में पारित किया गया है। राज्यपाल खान ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास व्यापक संपत्तियां हैं, लेकिन इसके बावजूद बोर्ड के कर्मचारियों को वेतन और भत्तों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो प्रबंधन में गड़बड़ी की ओर संकेत करता है। वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह कानून पारदर्शिता, न्याय और विकास का प्रतीक है और यतीमों, विधवाओं, गरीबों और जरूरतमंदों को उनका अधिकार दिलाने में सहायक होगा। हालांकि, इस विधेयक को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों में मतभेद हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे मुस्लिम विरोधी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। दिल्ली के ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान ने इस विधेयक को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है, जबकि कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के इस बयान से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उपयोग को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है, जिसमें सभी समुदायों के कल्याण के लिए इन संपत्तियों के समुचित उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का बयान: वक्फ संपत्तियों पर गैर-मुस्लिमों का भी हक
Date: