नई दिल्ली,29 मार्च। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए निर्देशों के अनुसार, 1 मई 2025 से एटीएम से नकद निकासी पर लगने वाले शुल्क में वृद्धि की जाएगी। मुफ्त मासिक लेनदेन की निर्धारित सीमा समाप्त होने के बाद, ग्राहकों को प्रति लेनदेन 23 रुपये का शुल्क देना होगा, जो वर्तमान में 21 रुपये है। वहीं, सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार (28 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में DA बढ़ोतरी पर फैसला हुआ। इससे पहले जुलाई 2024 में सरकार ने 3% बढ़ोतरी की थी।
मुफ्त लेनदेन की वर्तमान सीमाएं:
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अपने बैंक के एटीएम से: प्रत्येक माह 5 मुफ्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों)।
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अन्य बैंकों के एटीएम से:
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मेट्रो शहरों में: 3 मुफ्त लेनदेन।
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अन्य स्थानों पर: 5 मुफ्त लेनदेन।
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मुफ्त लेनदेन की इन सीमाओं के पार होने पर, ग्राहकों को बढ़ा हुआ शुल्क देना होगा।
कैश रिसाइक्लर मशीनों पर प्रभाव:
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ये नए निर्देश कैश रिसाइक्लर मशीनों (Cash Recycler Machines) पर किए गए लेनदेन पर भी लागू होंगे, हालांकि नकद जमा लेनदेन इससे मुक्त रहेंगे।
बढ़ोतरी का कारण:
यह निर्णय व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटरों की बढ़ती परिचालन लागत और उनके व्यवसाय को स्थिर बनाए रखने की मांग के बाद लिया गया है।
ग्राहकों के लिए सुझाव:
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डिजिटल भुगतान अपनाएं: यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का अधिक उपयोग करें ताकि नकद निकासी की आवश्यकता कम हो।नकद निकासी की योजना बनाएं: बार-बार एटीएम जाने के बजाय, एक बार में आवश्यक राशि निकालें ताकि लेनदेन की संख्या कम हो।
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मुफ्त लेनदेन की सीमा का ध्यान रखें: अपने बैंक की मुफ्त लेनदेन सीमा को समझें और उसी के अनुसार एटीएम का उपयोग करें।
यह बदलाव विशेष रूप से उन ग्राहकों को प्रभावित करेगा जो नकद लेनदेन पर अधिक निर्भर हैं। डिजिटल भुगतान विकल्पों को अपनाकर और नकद निकासी की योजना बनाकर अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकता है।