नई दिल्ली I 27 मार्च 25 । दिल्ली विधानसभा मे दिल्ली के लिये 2025-26 के बजट पेश होने पर हर वर्ग से अलग अलग प्रतिक्रियान आ रही है I विधानसभा मे बजट पर बोलते हुए मंत्री आशीष सूद ने इससे विकसित दिल्ली के इस बजट को बताया है I उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्य स्वत प्रचारित किए जाते हैं इसका सबसे बड़ा उदाहरण अखबारों में आया है। पैसे खर्च से नहीं बढ़ते हैं । अखबरों की हेडलाइन है बजट फॉर दिल्ली और यह बजट हमारी पार्टी का संकल्प पत्र को मूर्त रूप देने की गारंटी हैं।
अंग्रेजी के अख़बारों ने लिखा – “Budget for Revival of Delhi अथार्थ दिल्ली को पुनर्जीवित करने वाला बजट” .
हमारी सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट हमारी पार्टी के संकल्प पत्र को मूर्तरूप देने की गारंटी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा ने कहा कि हम आरोप नहीं लगाएंगे बल्कि काम करके दिखाएंगे। हमारी सरकार ने इस बजट में एसेट क्रिएश्न ऑफ प्रोडक्टिव ऐसेट्स को खड़ा करने के लिए काम किया है। हमने कैप्टिल एक्सपेंडीचर को 15 हाजर करोड़ से बढ़ाकर 28 हजार करोड़ कर दिया है। यानी लगभग 86 फीसदी की वृद्धि की है।
कैप्टिल एक्सपेंडीचर बढ़ने से एसेट्स बनते हैं। सड़क बनती है. नई बसें आती है और जिस सेंक्टर में सरकार पैसा लगाती हैं।
आशीष सूद ने कहा कि 115 करोड़ रुपए ईडब्लूएस के छात्रों के नाम जो स्कूलों को देने थे वो इन्होंने नहीं दिए हैं। जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ा।
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में 48 स्कूल हैं जिनमें एक लाख 32 हजार छात्र पढते हैं। कनॉट प्लेस और लुटियन दिल्ली के आसपास दो स्कूल चमका दिए और कहते हैं कि हम शिक्षा क्रांति के दूत हैं। 1981 से दिल्ली के स्कूलों में स्विमिंग पुल चल रहे हैं। रॉजौरी गार्डन के स्कूल में भी स्विमिंग पुल है।
हैप्पीनेश कॉरिकुलम पर 4 करोड़ रुपए खर्च किए जिसके विज्ञापन पर 20 करोड़ रुपए खर्च हुए। देश भक्ति कॉरिकुलम पर 49 लाख रुपए खर्च हुए और उसके विज्ञापन पर 11 करोड़ रुपए खर्च हुए।
इस सरकार ने टॉयलेटऔर स्टोर रूम की गिनती भी क्लॉस रूम में कर ली है। ये लोग 20 हजार समकक्ष कमरे दिखाते हैं जो बिल्कुल गलत है। दिल्ली की दीदी रेखा ने शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रस्ताव रखे हैं उनको पूरी ईमानदारी के साथ लागू किया जाएगा। इसी में 60 सीएमश्री स्कूल 100 करोड़ के बजट से शुरू किए जाएंगे।
सूद ने कहा कि दिल्ली का यह बजट दिल्ली को लंदन और पेरिस नहीं बनाएगा, बल्कि दिल्ली को वो दिल्ली बनाना चाहता है जिसमें सबलोग स्वस्थ्य रहें और खुश रहें। नलों में साफ पानी आए। यह बजट दिल्ली को दिलवालों की दिल्ली बनाने का बजट है। बजट में 31 फीसदी वृद्धि हुई है। जब हमारे पास खजाने खाली हो। निराशाजनक वातावरण हो, सड़कें खाली हो। सीवर की समस्या से निजात पानी की हो।