- रामनवमी, हनुमान जन्मोत्सव और अंबेडकर जयंती भी बड़े पैमाने पर मनाएगी दिल्ली सरकार
- नवरात्रि में होगा ‘फलाहार पार्टी’ का आयोजन
- “फलाहार आयोजन के ज़रिये भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने की कोशिश”नई दिल्ली; 27 मार्च, 2025 । दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नव संवत्सर ‘हिंदू नव वर्ष’ को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया है।
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि तो वहीं कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित होंगे. इसके साथ ही दिल्ली सरकार के मंत्रीगण और विधायक भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर एवं उनके कैलासा बैंड की संगीतमय प्रस्तुति भी होगी।
कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि “यह पहली बार है जब दिल्ली सरकार ‘हिंदू नव वर्ष’ को इतने व्यापक स्तर पर मना रही है. इस आयोजन की शुरुआत 30 मार्च को दिल्ली विधानसभा लॉन में एक भव्य कार्यक्रम से होगी, जिसमें संपूर्ण भवन को दीपों से सजाया जाएगा, ठीक उसी प्रकार जैसे दीपावली के अवसर पर किया जाता है।”
नवरात्रि का पहला दिन होने के कारण इस अवसर पर ‘फलाहार’ कार्यक्रम का भी आयोजन आगंतुकों के लिए किया गया है, जिसमें व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार कर व्रत का पारण कर सकेंगे.
इसके अतिरिक्त नवरात्रि के दौरान ही दिल्ली सरकार पहली बार अन्य जगहों पर भी ‘फलाहार’ कार्यक्रमों का आयोजन भी करेगी जिसमें व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार कर सकेंगे. यह आयोजन सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन आयोजित किए जायेंगे जिसमें कन्या पूजन कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा. गरीब एवं जरूरतमंद बालिकाओं को भोजन कराया जाएगा और देवी के नौ रूपों की विशेष पूजा अर्चना होगी।
दिल्ली सरकार राम नवमी, हनुमान जन्मोत्सव और अम्बेडकर जयंती को भी भव्य स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है.
उन्होंने आगे कहा की “यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, आगे भी हमारी सरकार संस्कृति जागरण के ऐसे कार्यक्रम आयोजन करती रहेगी..हम दिल्ली के सभी नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि दिल्ली के इतिहास में पहली बार होने जा रहे ‘फलाहार पार्टी’ के शुभ अवसर पर बढ़-चढ़कर भाग लें और इस सांस्कृतिक महोत्सव को सफल बनाएं।”
दिल्ली अपनी कला, संस्कृति और इतिहास के लिए जानी जाती है। इसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन दिल्ली सरकार भविष्य में भी करती रहेगी। दिल्ली के बजट में भी कला और संस्कृति पर विशेष ध्यान दिया गया है। दिल्ली सरकार की साहित्य कला परिषद ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रचनात्मक भूमिका निभाती है।