नई दिल्ली,7 मार्च। सुप्रीम कोर्ट ने धारावी पुनर्विकास परियोजना पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है। इस निर्णय से मुंबई के धारावी क्षेत्र में पुनर्विकास कार्यों को जारी रखने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
यूएई बेस्ड सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉरपोरेशन की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रोजेक्ट पर काम पहले ही शुरू हो चुका है, जिसमें कुछ रेलवे क्वार्टरों को ध्वस्त करना भी शामिल है।
सेकलिंक ने महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें सेकलिंक की पिछली बोली को रद्द करने के बाद धारावी प्रोजेक्ट को अडाणी प्रॉपर्टीज लिमिटेड को देने का फैसला किया गया था।
कंपनी ने कहा- बोली में 20 प्रतिशत का इजाफा करने को तैयार भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने कहा- बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला उचित था, क्योंकि रेलवे लाइन को भी विकसित किया जाएगा और प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा।
कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अडाणी प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 25 मई को होगी। धारावी प्रोजेक्ट के लिए मूल रूप से 7,200 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली सेकलिंक टेक्नोलॉजीज ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह अपनी बोली में 20 प्रतिशत का इजाफा करने को तैयार है।
4 पॉइंट में जानिए पूरा मामला
- दरअसल मुंबई के धारावी को रिडेवलेप करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 2019 में टेंडर जारी किया था। सेकलिंक ने 7,200 करोड़ रुपये की बोली लगाकर प्रोजेक्ट अपने पास रखा।
- इसके बाद राज्य सरकार ने 2019 और 2022 के बीच आर्थिक स्थितियों में हुए बदलावों का हवाला देते हुए टेंडर रद्द कर दिया। सेकलिंक की 2019 की बोली भी कैंसिल कर दी गई।
- 2022 में एक नया टेंडर जारी हुआ, इस बार प्रोजेक्ट अडाणी ग्रुप को मिला। सेकलिंक ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की।
- दिसंबर 2024 में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेकलिंक की 2019 की बोली को रद्द करने और 2022 में एक नया टेंडर जारी करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा।
धारावी में पार्क, हॉस्पिटल बनेंगे, हर फ्लैट में इंडिपेंडेंट किचन होंगे जुलाई, 2023 में महाराष्ट्र सरकार ने धारावी स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए अडाणी ग्रुप की बोली को मंजूरी दी थी। कंपनी के मुताबिक, यहां फ्लैट्स के अलावा स्कूल, कम्युनिटी हॉल, पार्क, हॉस्पिटल और बच्चों के लिए डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे।