उत्तराखंड ,28 फरवरी। उत्तराखंड के चमोली में शुक्रवार सुबह 7.15 बजे एवलांच की वजह से 57 मजदूर बर्फ में दब गए। घटना चमोली के माणा गांव में हुई।
बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर माणा और बद्रीनाथ के बीच बर्फ हटाने का काम कर रही थी। तभी बर्फ का पहाड़ टूटा। 57 मजदूर 8 कंटेनर और एक शेड के अंदर दब गए।
सेना के मुताबिक घटना की जानकारी मिलते ही आईबेक्स ब्रिगेड के 100 से ज्यादा कर्मी तत्काल रेस्क्यू में जुटे। इसमें डॉक्टर, एम्बुलेंस स्टाफ भी शामिल हैं। सुबह 11.50 बजे टीम ने पांच कंटेनरों का पता लगाया और 10 मजदूरों का रेस्क्यू किया। इन लोगों को जोशीमठ और माणा के अस्पतालों में भेजा गया है। 10 में से 4 की हालत गंभीर है।
सेना के मुताबिक बाकी के 3 कंटेनरों की भी तलाश जारी है। अबतक कुल 16 मजदूरों का रेस्क्यू किया जा चुका है। 41 की तलाश जारी है। सेना के अलावा NDRF, SDRF, ITBP और BRO की टीमें मौके पर हैं।
हादसे को लेकर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (SDRF) के अधिकारियों के साथ बैठक की है।
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट
इधर, मौसम विभाग ने 28 फरवरी की देर रात तक उत्तराखंड में भारी बारिश (20 CM तक) का अलर्ट जारी किया है। चमोली DM संदीप तिवारी ने बताया- घटनास्थल पर लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है, इसलिए हम हेलिकॉप्टर नहीं भेज पा रहे हैं।
SDRF की IG रिधिमा अग्रवाल ने BRO कमांडेंट के हवाले से बताया कि घटना बद्रीनाथ धाम के पास की है। SDRF की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है। लामबगड़ में सड़क ब्लॉक है। सेना उसे खोलने में लगी हुई है। दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है। SDRF की ड्रोन टीम भी अलर्ट पर है। घायलों सेना अस्पताल माणा में भर्ती किया गया है।