नई दिल्ली, केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस. श्रीसंत के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। KCA ने बताया, नोटिस एसोसिएशन के खिलाफ झूठे बयान देने के लिए जारी किया गया है न कि संजू सैमसन का समर्थन करने के कारण।
दरअसल श्रीसंत ने संजू सैमसन को डोमेस्टिक सीजन के मैचों में न खेलने पर सपोर्ट किया था। KCA ने अपने प्रेस नोट में लिखा, श्रीसंत जैसे व्यक्ति, जो कभी सट्टेबाजी मामले में शामिल रहे हों, उन्हें खिलाड़ियों की सुरक्षा का उत्तरदायित्व नहीं लेना चाहिए। केरल क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें यह भी याद दिलाया कि बैन हटने के बाद श्रीसंत की वापसी केरल क्रिकेट ने ही कराई थी।
श्रीसंत सट्टेबाजी के आरोपी थे: KCA केरल की वेबसाइट ऑनलाइन मनोरमा के मुताबिक KCA ने अपने बयान में कहा, BCCI ने मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के मामले में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके चलते उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि, बाद में BCCI ने इसे कम करके 7 साल कर दिया था।
बोर्ड ने कहा, केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने हमेशा अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा की है। श्रीसंत सट्टेबाजी के आरोपी थे। जो भारतीय क्रिकेट का एक काला अध्याय था।
एसोसिएशन केवल अपने हितों के लिए काम कर रहा: श्रीसंत इस पूरे विवाद पर श्रीसंत ने मलयालम न्यूज ऑनलाइन मनोरमा से कहा, वह अपने साथी खिलाड़ियों के साथ खड़े रहेंगे, चाहे वह संजू सैमसन हों, सचिन बेबी हों या निधीश। उन्होंने केरल क्रिकेट पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे मलयाली खिलाड़ियों की बजाय बाहरी राज्यों के प्लेयर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे डोमेस्टिक खिलाड़ियों को नेशनल टीम में जगह बनाने में दिक्कत हो रही है।
उन्होंने आगे कहा, सचिन बेबी पिछले डोमेस्टिक सीजन में दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, फिर भी उन्हें दिलीप ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिली। KCA इस पर क्यों चुप था? एसोसिएशन केवल अपने हितों के लिए काम कर रहा है।